Tuesday, December 31, 2013

नये साल जी

अब की लाना नये साल जी
ज्यादा खुशियाँ, कम बवाल जी
हँसी-खुशी के मौके लाना
फिर विराट के चौके लाना
धोनी जीतें, मूँड़ मिड़ायें
ऐसे दृश्य अनोखे लाना
गाली बकना छोड़ हमारे
नेता बोलें मीठी बानी
सब को छत, सबको दो रोटी
सबको शिक्षा सबको पानी
समाधान हों, नब्बे प्रतिशत
दस प्रतिशत ही हों सवाल जी
ले आना दादी का चश्मा
दादा जी का स्वेटर-शाल
धोती नई मिले अम्मा को
बापू के भी सुधरें हाल
मन्दिर गले मिलें मस्जिद से
साझा, ईद, दिवाली सबकी
सबके कानों हो गुरुबानी
हर घर केक कटे, क्रिसमस का
किसी भले को ताज मिले जी
जन गण मंगल, राज मिले जी
यही प्रार्थना, यही इबादत
दस रुपये में, प्याज मिले जी
नाकाबिल कुर्सी ना पाएँ
इसका भी रखना खयाल जी

-डा॰ विनोद निगम
होशंगाबाद

3 comments:

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ said...

नवागत वर्ष सन् 2014 ई. की हार्दिक शुभकामनाएं

रविकर said...

हो जग का कल्याण, पूर्ण हो जन-गण आसा |
हों हर्षित तन-प्राण, वर्ष हो अच्छा-खासा ||

शुभकामनायें आदरणीय

sushma 'आहुति' said...

भावो की
बेहतरीन........आपको भी नववर्ष की शुभकामनायें