Saturday, June 25, 2011

तुम्हारा होना

[ नवगीत प्रस्तुत करते हुए माहेश्वर तिवारी ]
-माहेश्वर तिवारी
   
एक तुम्हारा होना
क्या से क्या कर देता है
बेजुबान छत‚ दीवारों को
घर कर देता है।

खाली शब्दों में
आता है
ऐसा अर्थ पिरोना
गीत वन गया-सा
लगता है    
घर का कोना-कोना
एक तुम्हारा होना
सपनों को स्वर देता है ।

आरोहों अवरोहों से
समझाने
लगती हैं
तुमसे जुड़कर
चीजें भी
बतियाने लगती हैं
एक तुम्हारा होना
अपनापन भर देता है
एक तुम्हारा होना
क्या से क्या कर देता है।
  ०००

1 comment:

Anonymous said...

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